अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें... सेवादारों से भी सतर्क रहें।

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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 3 अक्टूबर को महिलाओं से ऐसी ही अपील की। प्रवचन के दौरान उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे धाम में अकेली न आएं, लंबे समय तक न रुकें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।

आखिर पंडित शास्त्री को खुद अपने ही सेवादारों से सतर्क रहने की हिदायत क्यों देनी पड़ी? क्या बागेश्वर धाम में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं? इन सवालों का सच जानने दैनिक भास्कर की टीम छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुंची।


1. पहचान का संकट: बाजार में आसानी से बिक रही सेवादारों की जैकेट

बागेश्वर धाम की गलियों और परिसर में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु नजर आती हैं। यहां कई पुरुष भगवा वस्त्र और उस पर 'बागेश्वर धाम' लिखी काले रंग की नेहरू जैकेट पहने घूमते हैं। दिल्ली से आईं श्रद्धालु यमुना ने सुरक्षा का बड़ा मुद्दा उठाया।

उन्होंने बताया, ‘सेवादारों जैसी वेशभूषा और जैकेट बाहर बाजार में आसानी से मिल जाती है। कोई भी इसे खरीदकर पहन सकता है। ऐसे में असली और नकली सेवादार की पहचान करना नामुमकिन है।’


2. CCTV कैमरे सीमित, दूर-दराज के इलाकों में कमजोर निगरानी

भास्कर टीम की पड़ताल में सामने आया कि मुख्य कार्यालय और प्रवचन हॉल के आसपास तो CCTV कैमरे लगे हैं, लेकिन श्रद्धालुओं के ठहरने की जगहों, बाजार और दूर-दराज के बाहरी इलाकों में निगरानी बेहद सीमित है।

धाम का दायरा काफी बड़ा है। ऐसे में जहां कम भीड़ होती है या जहां श्रद्धालु रुकते हैं, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना बड़े खतरे को न्योता देता है।


3. न महिला हेल्पलाइन का बोर्ड, न ही कोई शिकायत पेटी

परिसर में पड़ताल के दौरान महिलाओं के लिए न तो कोई अलग शिकायत पेटी नजर आई और न ही कोई महिला हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से लिखा मिला। हालांकि, मंदिर प्रशासन का दावा है कि परिसर में 5 अलग-अलग कार्यालय हैं।

महिलाएं कहीं भी अपनी समस्या दर्ज करा सकती हैं। लेकिन आपात स्थिति में भटकने के बजाय महिलाओं को तुरंत मदद कहां से मिलेगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी परिसर में प्रदर्शित नहीं की गई है।


4. पुलिस बोली- धाम में अलग चौकी बनाई गई

सुरक्षा व्यवस्था पर बमीठा थाना प्रभारी वाल्मिक चौबे ने कहा कि बागेश्वर धाम परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए धाम के लिए एक अलग पुलिस चौकी बनाई गई है।

इसमें 20 से 25 पुलिसकर्मियों की तैनाती है, जिनमें 5 से 6 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। यदि कोई महिला शिकायत करती है तो तत्काल ही इस पर एक्शन लेकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।

धीरेंद्र शास्त्री की सफाई: 'हमारा मकसद सनातन और महिलाओं दोनों की सुरक्षा'

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी मंशा साफ की। उन्होंने कहा, "वर्तमान समय में सनातन धर्म और संतों पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य महिलाओं को सजग और जागरूक करना है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।"

धीरेंद्र शास्त्री ने माना कि धाम का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है, इसलिए हर कोने में सुरक्षाकर्मी या CCTV लगाना संभव नहीं है। सेवादारों की पहचान पर उन्होंने कहा कि धाम के अधिकृत सेवादारों को बाकायदा पहचान पत्र जारी किए जाते हैं और उनका रिकॉर्ड रखा जाता है। श्रद्धालु केवल आईडी कार्ड वाले सेवादारों पर ही भरोसा करें।