केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस के बीच कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘रिजीम चेंज गैंग’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह समूह सत्ता परिवर्तन के सपने देखता है, षड्यंत्र रचता है, झूठ फैलाता है और नैरेटिव गढ़ता है। शिवराज ने कहा कि जनता के जनादेश के सामने इनके सपने साबुन के बुलबुले की तरह फूट जाते हैं।

राहुल गांधी और कांग्रेस के बयानों के बीच सियासी तंज

शिवराज की पोस्ट ऐसे समय आई है, जब देश में ‘रिजीम चेंज’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव के जरिए सरकार बदलने की बात कही थी, जबकि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी ‘रिजीम चेंज’ की लड़ाई का जिक्र किया था। इस मुद्दे पर राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति को लेकर भी सियासी बहस जारी है। हालांकि, शिवराज ने अपनी पोस्ट में किसी नेता का नाम लेकर निशाना नहीं साधा, बल्कि ‘रिजीम चेंज गैंग’ कहकर हमला किया।

चुनावी नतीजों का दिया हवाला

शिवराज ने अपनी पोस्ट में पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत का जिक्र किया। इसके साथ ही गुजरात के निकाय चुनावों और असम, पश्चिम बंगाल तथा पुडुचेरी के उपचुनावों के नतीजों को भी जनता के मूड का संकेत बताया।

बोले- जनता का मूड कुछ और, स्क्रिप्ट कुछ और

केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि गांव हो या शहर, युवा हों या आम नागरिक, जनता का मूड कुछ और है और ‘रिजीम चेंज गैंग’ की स्क्रिप्ट कुछ और। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि हर हार के बाद भी इन लोगों की भारत में दाल क्यों नहीं गल रही।

कल बताने का किया ऐलान

शिवराज ने पोस्ट के अंत में कहा कि ‘रिजीम चेंज गैंग’ को आत्ममंथन करना चाहिए। अगर इसके बाद भी समझ नहीं आए, तो वे अगले दिन बताएंगे कि उनकी दाल क्यों नहीं गल रही।