इंदौर : मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने चोरल रेंज में विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित ढाई लाख पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह रोक एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए लगाई है। कोर्ट ने मामले में शासन से चार सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए भी कहा है।

मप्र हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति अल्पेश यशवंत कोकजे और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने गुरुवार को मामले में सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने मप्र हाई कोर्ट की मुख्यपीठ द्वारा 26 नवंबर 2025 को याचिकाओं में सुनाए गए फैसले का हवाला भी दिया।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका करण बैरागी ने एडवोकेट मनीष यादव के माध्यम से प्रस्तुत की है। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर प्रस्तुत याचिका में कहा कि आगामी वर्षों में विभिन्न प्रोजेक्ट के चलते चोरल रेंज में ढाई लाख से अधिक पेड़ो को काटा जाना प्रस्तावित है।

वर्तमान में 80 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। गुरुवार को सुनवाई के दौरान एडवोकेट यादव ने तर्क रखा कि मालवा निमाड़ क्षेत्र में इतनी अधिक संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को बहुत नुकसान होगा। तापमान में बढ़ोतरी के साथ-साथ वर्षा में कमी आने की आशंका भी है।

पेड़ों की कटाई का सीधा असर जंगली जानवरों के आवास पर पडेगा। कई दुर्लभ प्रजाति के पेड़ विलुप्त हो जाएंगे। याचिका में यह भी कहा है कि शासन पेडों के बदले पौधारोपण की बात करती है लेकिन कितना भी पौधारोपण कर लिया जाए पेड़ों की कटाई की भरपाई किसी भी स्थिति में संभव नहीं है।

करीब 20 मिनट चली सुनवाई के दौरान मप्र हाई कोर्ट की मुख्यपीठ के फैसले का उल्लेख भी हुआ। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उस मामले में कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई है। एडवोकेट यादव ने बताया कि कोर्ट ने तर्क से सहमत होते हुए चोरल रेंज के ढाई लाख पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए शासन से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

कई प्रोजेक्ट पर पडेगा असर

हाई कोर्ट के इस आदेश का असर रेलवे सहित कई प्रोजेक्ट पर पडेगा। महू-खंडवा ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए अगले सप्ताह से पेड़ कटाई शुरू होना थी। प्रोजेक्ट में 130 किमी लाइन बिछाई जाना है। 454 हेक्टेयर जंगल इस लाइन की जद में आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में एक लाख 34 हजार पेड़ काटे जाना है। इंदौर-खंडवा राजमार्ग प्रोजेक्ट में भी तीन हजार पेड़ काटे जाना बाकी है। इसके अलावा बिजली से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी लंबित हैं।