दीपावली पर रोशनी और आतिशबाजी के बीच बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां की हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्वालियर के प्रमुख पटाखा बाजारों, मुख्य बाजारों, अस्पतालों और कंट्रोल रूम में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
ग्राउंड ऑडिट में पटाखा बाजारों के हर गेट पर दमकल की तैनाती और मुख्य बाजारों में हर 100 मीटर पर पुलिस बल की मौजूदगी सामने आई।
वहीं, अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने की तैयारी और शहर में सक्रिय इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी भी जुटाई गई। जानिए, सुरक्षा व्यवस्था कैसी है और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए किन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
पटाखा बाजार: हर गेट पर दमकल, दुकानों पर अग्निशमन इंतजाम
अग्नि सुरक्षा: प्रत्येक दुकान के बाहर पानी और रेत की बाल्टियां रखने के साथ कम से कम दो फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध रखने का नियम है।
दुकानों के बीच दूरी: स्टॉलों के बीच पर्याप्त जगह रखी गई है, ताकि आग फैलने और भीड़ के दबाव जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
प्रतिबंध: ज्वलनशील पदार्थ रखने और खुले में पटाखों की टेस्टिंग करने पर रोक है।
दमकल की तैनाती: पटाखा बाजार के हर गेट पर एक फायर ब्रिगेड तैनात की गई है, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके।
फायर ब्रिगेड और पुलिस कंट्रोल रूम: 24 घंटे अलर्ट
फायर ब्रिगेड: शहर के पांच फायर स्टेशनों की गाड़ियों को पानी भरकर तैयार रखा गया है। संवेदनशील इलाकों और पटाखा बाजारों के पास दमकल वाहन और बाइक फायर टेंडर तैनात हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम: कंट्रोल रूम से शहर के प्रमुख इलाकों की सीसीटीवी निगरानी की जा रही है।
पुलिस गश्त: डायल 112/100 की गाड़ियां और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) प्रमुख चौराहों पर गश्त करेंगी।
अस्पताल और एंबुलेंस: बर्न वार्ड में अतिरिक्त बेड
अस्पताल व्यवस्था: प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के इमरजेंसी और बर्न वार्ड में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं।
मेडिकल स्टाफ: डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज मिल सके।
एंबुलेंस सुविधा: 108 एंबुलेंस को शहर के अलग-अलग हिस्सों और प्रमुख पटाखा बाजारों के पास स्टैंडबाय पर रखा गया है।