कभी नहीं हुई सूर्या-गंभीर की बहस
सूर्यकुमार ने कहा, ‘जब से हमने साथ काम करना शुरू किया जब हम श्रीलंका गए थे तब से लेकर अब तक मुझे याद नहीं कि कभी किसी खिलाड़ी को लेकर हमारी बहस हुई हो।’ कप्तान ने कहा, ‘हम बात करते हैं कि हमें किसी खास खिलाड़ी को खिलाना चाहिए या नहीं। हम दोनों हमेशा टीम को जिताने में दिलचस्पी रखते हैं। हम किसी खिलाड़ी को ऐसी स्थिति में कैसे रख सकते हैं जिससे टीम को फायदा हो सके।’एक-दूसरे के फैसले से रहते हैं सहमत
सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर 2024 में जीते टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। सूर्यकुमार के मुताबिक कभी-कभी अपने काम करने के तरीकों से जान-पहचान होने से लंबे समय का खाका तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, ‘मुझे शुरू से ही पता था कि हमारी एक-दूसरे से क्या उम्मीदें होंगी। कई बार हमने टीम के बारे में 11 या 15 खिलाड़ियों के बारे में बात की है कि हमें किसे चुनना है और 14 खिलाड़ी हमेशा एक जैसे रहे हैं।’सूर्यकुमार ने कहा, ‘अगर सफलता की दर इतनी अधिक है तो हमें इस पर अधिक बात करने की जरूरत नहीं है। हमारा लक्ष्य मिलकर कुछ अच्छा हासिल करना था।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘इसलिए हम किसी भी चयन के फैसले को लेकर सहज थे। अगर आप विश्व कप जीतना चाहते हैं तो दोनों का किसी चीज पर सहमत होना बहुत जरूरी है।'






