
भोपाल। फिरौती के लिए लोगों को धमकाने, वसूली व अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाला लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क मध्य प्रदेश में चार स्तर में काम कर रहा है। प्रदेश में बीते दिनों सामने आए करीब 10 मामलों की जांच में सामने आया है कि पहले स्तर पर बिश्नोई का खास गुर्गा हैरी बॉक्सर है। बताया जाता है कि वह अमेरिका में रह रहा है। दूसरे स्तर पर फाइनेंस करने व समन्वय बनाने वाले हैं।
तीसरे स्तर पर वे लोग हैं, जो दूसरे राज्य से आकर फायरिंग या दहशत फैलाने का काम करते हैं। इनमें भी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अपराधी अधिक हैं। सबसे नीचे यानी चौथे स्तर पर रेकी कर वीडियो बनाने वाले हैं। रेकी करने और घर का वीडियो बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं की तलाश की जाती है। इन्हें पांच से 10 हजार रुपये तक दिए जाते हैं।
बता दें कि भोपाल में एक रियल एस्टेट कारोबारी के घर का वीडियो बनाकर, धमकाने और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा गठित एसआइटी ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपित बांदा का ही रहने वाला आनंद मिश्रा, वीडियो बनाने वाला उत्तर प्रदेश के बांदा का निर्मल तिवारी और राजस्थान के बीकानेर का निवासी जेपी डारा हैं। डारा के विरुद्ध 18 गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह पूरे नेटवर्क में फाइनेंसर की भूमिका में था। डारा को 25 अप्रैल और बाकी दोनों को 27 अप्रैल तक के लिए पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मध्य प्रदेश पुलिस की एसआइटी की जांच में सामने आया है कि मध्य प्रदेश के अपराधों में गिरफ्तार आरोपित प्रदीप शुक्ला और आनंद मिश्रा सिग्नल एप के माध्यम से सीधे हैरी बॉक्सर से बात करते थे। इससे साफ हो गया कि मध्य प्रदेश में बिश्नोई का गिरोह सक्रिय है। पहले पुलिस को लग रहा था कि बिश्नोई के नाम से दूसरे अपराधी लोगों को धमका रहे होंगे।
हैरी देशभर में नेटवर्क चलाने वाला मुख्य आरोपित बताया जाता है। उसका नाम हरी सिंह जाट है, पर बॉक्सर होने के चलते अपना नाम हैरी बॉक्सर लिखता है। वह वाट्सएप कॉल और ऑडियो मैसेज से लोगों को धमकाने का काम करता है। बता दें कि लगभग दो माह में प्रदेश के अशोकनगर, खरगोन इंदौर, भोपाल सहित अन्य जिलों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी, फिरौती मांगने और फायरिंग के 10 अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें छह की जांच एसटीएफ कर रही है।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के शूटरों से विशेष जांच दल (एसआइटी) ने कसरावद जेल में पूछताछ की है। एक आरोपित पूर्व से ही रिमांड पर चल रहा है। पुलिस बिल्डर की रेकी करने का सुराग जुटाना चाहती है। बता दें कि बायो-कॉटन कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के घर फायरिंग करने के मामले में गिरफ्तार नागदा के राजपाल सिंह चंद्रावत को एसआइटी ने रिमांड पर लिया था। उससे बिल्डर विवेक दम्मानी और प्रॉपर्टी ब्रोकर चेतन सिंह पंवार व कुंवर सिंह भूरिया को धमकाने का शक है।
तीनों को लॉरेंस के शूटर हैरी बॉक्सर के नाम से धमकी मिल चुकी है। शुक्रवार को एसआइटी ने कसरावद जेल में बंद लखन, पवन और राजेश से पूछताछ की। देवास के सीया निवासी तीनों आरोपितों ने ही राजपाल के इशारे पर फायरिंग की थी।